New Education Policy 2021 : नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है?

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नेशनल एजुकेशन पालिसी नई शिक्षा नीति : मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय द्वारा हाल ही में एजुकेशन पॉलिसी में कुछ परिवर्तन किया गया है यह परिवर्तन इसरो प्रमुख डॉक्टर के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में हुआ है आज हम आपको अपनी इस आर्टिकल की जरिए New Education Policy 2021 से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी देंगे हम आपको बताएंगे कि इस एजुकेशन पॉलिसी का उद्देश्य क्या है इसकी विशेषताएं क्या है इसके अतिरिक्त हम आपको यह भी बताएंगे कि इस एजुकेशन पॉलिसी में क्या परिवर्तन हुए हैं यदि आप New Education Policy 2021 से जुड़ी जानकारी लेने के इच्छुक हैं तो हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें।

New Education Policy 2020

Table of Contents

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी क्या है?

इस पॉलिसी के तहत कॉलेजों तथा स्कूलों में दी जाने वाली शिक्षा के लिए रणनीति तैयार होती है भारत सरकार द्वारा नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 को शुरू किया गया है इसके तहत सरकार ने एजुकेशन पॉलिसी में बहुत सी मुख्य परिवर्तन किए हैं भारत सरकार New Education Policy 2021 के जरिए भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना चाहती है। वर्तमान में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के रूप में जाना जाएगा।

सरकार की इस नई शिक्षा नीति के तहत 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100 फ़ीसदी जी इ आर के साथ पूर्व विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय तक शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा। हम जानते हैं की पहले 10+2 का पैटर्न फॉलो किया जाता था लेकिन अब New Education Policy 2021 के अनुसार 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा। इस नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को 2014 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का घोषणा पत्र में शामिल किया गया था।

New Education Policy 2021

New Education Policy 2021

सरकार द्वारा लाई गई इस नई शिक्षा नीति में शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु बहुत से प्रावधान किए गए हैं नई स्कूली शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी के स्वरूप में भी परिवर्तन होंगे अभी टीईटी परीक्षा को दो भागों में बांटा हुआ था भाग एक और भाग 2। परंतु अब स्कूली शिक्षा व्यवस्था का स्वरूप चार भागों में बड़ा होगा। पहला फाउंडेशन दूसरा प्रीपेरेटरी तीसरा मेडल और चौथा सेकेंडरी इसी के आधार पर टीईटी के पैटर्न को व्यवस्थित किया जाएगा। विषय शिक्षकों की भर्ती के समय टीईटी या संबंधित विषयों में एनटीए टेस्ट स्कोर की जांच भी की  जा सकती है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) सभी विषयों की परीक्षा और कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट का आयोजन करेगी।

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Key Highlights Of New National Education Policy 2021

आर्टिकल किसके बारे में हैनेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021
किस ने लांच की स्कीमभारत सरकार
लाभार्थीभारत के नागरिक
आर्टिकल का उद्देश्यइस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा का सार्वभौमीकरण करना है तथा भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है।
ऑफिशियल वेबसाइटयहां क्लिक करें
साल2021
स्कीम उपलब्ध है या नहींउपलब्ध

बालिका समृद्धि योजना

New Education Policy 2021 पर प्रधानमंत्री का देश को संबोधन

  • देश की प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा 7 अगस्त 2020 को नई शिक्षा नीति पर देश का संबोधन किया गया।
  • मोदी जी द्वारा इस संबोधन में नई शिक्षा नीति के मुख्य तथ्यो पर चर्चा की गई।
  • प्रधानमंत्री जी द्वारा यह जानकारी दी गई कि यह New Education Policy 2021 नए भारत का आधार बनेगी।
  • यह नई शिक्षा नीति भारत की विद्यार्थियों को ग्लोबल सिटीजन बनाएगी।
  • इसके अतिरिक्त यह नई एजुकेशन पॉलिसी के छात्रों को उनकी सभ्यता के साथ जोड़कर रखेगी।
  • नई एजुकेशन पॉलिसी के जरिए छात्र अपनी पैशन को फॉलो कर के नए नए अवसर प्राप्त करेंगे।
  • मोदी जी द्वारा इस संबोधन में होर्डे ए मेंटालिटी की भी चर्चा की गई।
  • प्रधानमंत्री जी द्वारा यह जानकारी दी गई कि विद्यार्थियों को अपनी योग्यता, रुचि और मांग की मैपिंग करनी चाहिए।
  • विद्यार्थियों को क्रिटिकल थिंकिंग को डिवेलप करने की जरूरत है।
  • मोदी जी द्वारा इस बात की भी जानकारी दी गई कि हम एक ऐसे युग में एंट्री कर रहे हैं
  • जहां एक व्यक्ति कोई एक प्रोफेशन अपनी पूरी जिंदगी फॉलो नहीं करेगा
  • तो यह New Education Policy 2021 इस बात को देखकर शुरू की गई है।
  • अब तक की शिक्षा नीति में आप जो सोचते थे उस पर ध्यान केंद्रित करते थे,
  • लेकिन यह नई शिक्षा नीति अब इस पर ध्यान केंद्रित करेगी कि कैसे सोचा जाए।
  • इस नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का बहुत बड़ा योगदान रहेगा
  • और साथ ही शिक्षकों ने प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जायेगा।
  • प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई प्रविष्टि और निकास के बारे में भी विस्तार से बताया है और
  • साथ ही इस नई शिक्षा नीति में कक्षा 5 तक क्षेत्रीय भाषा में शिक्षण का प्रावधान शामिल है।

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नेशनल एजुकेशन पॉलिसी ऑफ़ समग्र शिक्षा में प्री-प्राइमरी भी सम्मिलित होगी

  • शिक्षा मंत्रालय इस नई एजुकेशन पॉलिसी को सफलतापूर्वक कार्यान्वयन करवानी के काम में लगा हुआ है।
  • इसी बीच इस बात का निर्णय लिया गया है कि इस समग्र शिक्षा में अगले साल से प्री प्राइमरी को जोड़ा जाएगा
  • सरकार की यह एक बहुत बड़ी पहल है जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोरोनावायरस के चलते सभी स्कूल तथा कॉलेज को बंद कर दिया गया था।
  • जिसकी द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई की गई थी सरकार इस ऑनलाइन पढ़ाई को मजबूती देने की कोशिश में है।
  • शिक्षा मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों से समग्र शिक्षा के तहत प्रस्ताव भेजने का भी सुझाव दिया गया है।
  • शिक्षा मंत्रालय द्वारा इस New Education Policy 2021 को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक का भी गठन किया गया था
  • इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक जी द्वारा की गई।
  • इस बैठक में शिक्षा नीति के कार्यान्वयन को लेकर बातचीत हुई।
  • अभी इस एजुकेशन पॉलिसी में परिवर्तन को लेकर सहमति नहीं बन पाई है
  • जल्द ही मंत्रालय एनसीईआरटी सीबीएसई और एनसीटीई के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक गठित करेगा।
  • इस बैठक में एजुकेशन में होने वाले परिवर्तन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

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New Education Policy 2021 के तेहत स्कूल बैग का वजन तथा होमवर्क कम किया जाएगा

  • सरकार द्वारा इस नई शिक्षा नीति के तहत बहुत से फैसले लिए गए हैं
  • सरकार इस नीति की माध्यम से शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाना चाहती है
  • इस योजना के तहत कक्षा 1 से लेकर 10 तक के विद्यार्थियों के उनके स्कूल बैग का भार उनके बाहर का 10 फ़ीसदी होना आवश्यक है।
  • सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि विद्यार्थियों के वजन से ज्यादा उनकी किताबों का वजन नहीं होना चाहिए।
  • इसके अतिरिक्त इस नई शिक्षा नीति के तहत व्हील कैरियर बैग लाना बच्चों के लिए मना किया गया है
  • क्योंकि इससे बच्चों को चोट लगने का भय है।
  • सभी स्कूलों में डिजिटल वेटिंग मशीन होगी, ताकि सभी बच्चों के स्कूल बैग के वजन पर नजर रखी जा सके।
  • New Education Policy 2021 में यह भी है कि स्कूल बैग हल्के होने चाहिए और उनमें उचित कंपार्टमेंट्स होने चाहिए।
  • स्कूल बैग में 2 समायोज्य पट्टियाँ होनी चाहिए, जिससे स्कूल बैग बच्चों के कंधों पर फिट बैठ सके।

New Education Policy 2021 का उद्देश्य

हम जानते हैं कि यदि भारत के शिक्षा स्तर को ऊंचाइयों तक या वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना है तो शिक्षा नीति में समय-समय पर बदलाव आवश्यक हैं। इस बदलाव के कारण ही भारत में समय-समय पर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आयी है। भारत में फिर से शिक्षा नीति में बदलाव की स्थिति बनी है जिससे इस शिक्षा नीति में नई क्रांति लायी जा सके। इस बदलाव के लिए के ही भारत सरकार द्वारा नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी की शुरुआत की  जा रही है।

छात्र की वित्तीय सहायता

सरकार द्वारा इस नई शिक्षा नीति के तहत राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल को विकसित किया जाएगा इस पोर्टल के जरिए बच्चों को आर्थिक सहायता मिलेगी जिससे बच्चे अपनी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित होंगे। New Education Policy 2021 के तहत प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को भी प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे कि वह अपने छात्रों को स्कॉलरशिप दे सकें।

आईआईटी बहू विषयक संस्थान बनाए जाएंगे

सरकार की इस नई शिक्षा नीति के तहत आईआईटी जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों को मानविकी विद्यार्थियों के लिए शुरू किया जाएगा। आईआईटी बहु विशेष शिक्षा की ओर अग्रसर होगा।

विदेशी छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय

इसके तहत भारत को सस्ती कीमत पर अच्छी शिक्षा प्रदान करने वाली वैश्विक शिक्षण साइट के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा। New Education Policy 2021 के तहत, विदेशी छात्रों की मेजबानी के लिए प्रत्येक संस्थान में एक अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यालय स्थापित किया जाएगा।

एनईपी के तहत बोर्ड का महत्व

एनईपी के तहत बोर्ड परीक्षा का महत्व कम कर दिया गया है, ताकि बच्चों के लिए तनाव कम हो जाए। अब बोर्ड परीक्षा दो भागों में आयोजित की जाएगी और साथ ही  नई शिक्षा नीति के तहत ज्ञान बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पाठ्यक्रम

इस नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रमों को भी घटाया जाएगा। केवल इतनी ही सिलेबस को रखा जाएगा जो जरूरी है इसके अतिरिक्त क्रिटिकल थिंकिंग की ओर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। New Education Policy 2021 के तहत, शिक्षा को प्रौद्योगिकी के माध्यम से भी बढ़ावा दिया जाएगा जैसे कि टीवी चैनल, ऑनलाइन किताबें, ऐप आदि।

New Education Policy 2021 के अंतर्गत दी जाने वाली सुविधाएं

  • विद्यालयों को यह निश्चित करना होगा कि मिड डे मील की क्वालिटी अच्छी हो
  • जिससे कि बच्चों को अपना टिफिन लाने की जरूरत ना पड़े
  • इसके अतिरिक्त विद्यालयों को शुद्ध और उचित गुणवत्ता वाले पानी की सुविधा भी भी देनी होगी।
  • जिससे बच्चों को अपनी पानी की बोतल लानी की भी जरूरत ना पड़े
  • यह सभी सुविधाएं विद्यार्थियों को मिलने से उनके बैग का वजन कम होगा
  • और उनके बैग का साइज भी छोटा होगा।
  • इस नई शिक्षा नीति के तहत विद्यालयों में कक्षा का टाइम टेबल ऐसा सेट किया जाए
  • जिससे बच्चों की बैग का भार घट सके
  • विद्यालयों में लगाई गई सभी किताबों का भार उनके पब्लिशर्स के द्वारा प्रिंट किया जाएगा
  • विद्यालयों द्वारा किताबों को चुनते वक्त उनके वजन को भी ध्यान में रखा जाएगा।
  • इसNew Education Policy 2021 के तहत विद्यार्थियों के होमवर्क पर ध्यान दिया गया है
  • इस स्कीम के तहत द्वितीय कक्षा तक विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का होमवर्क नहीं दिया जाएगा
  • क्योंकि पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थी बहुत छोटे होते हैं
  • और उन्हें ज्यादा समय तक बैठने की आदत नहीं होती है।
  • तृतीय तथा चतुर्थ एवं पंचम कक्षा के छात्रों को हर 1 सप्ताह में केवल 2 घंटे का होमवर्क मिलेगा
  • कक्षा छठी से लेकर आठवीं के छात्रों को प्रत्येक दिन 1 घंटे का होमवर्क मिलेगा
  • इसके अतिरिक्त कक्षा 9 से लेकर कक्षा बारहवीं तक के बच्चों को प्रत्येक दिन 2 घंटे का होमवर्क मिलेगा।

National Education Policy 2021 की विशेषताएं

  • इस पालिसी के अनुसार मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा।
  • New Education Policy 2021 के अनुसार शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा
  • और इसमें मेडिकल और लॉ की पढ़ाई शामिल नहीं की जाएगी।
  • हम जानते हैं कि पहले 10+2 का पैटर्न फॉलो किया जा रहा था लेकिन अब नई शिक्षा नीति के अनुसार 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा, जिसमें 12 साल की स्कूली शिक्षा होगी और 3 साल की प्री स्कूली शिक्षा प्रदान किया जाएगी।
  • इस नई शिक्षा नीति के अनुसार छठी कक्षा से व्यवसायिक परीक्षण इंटर्नशिप आरंभ कर दी जाएगी।
  • पालिसी के अनुसार पांचवी कक्षा तक शिक्षा मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में प्रदान की जाएगी।
  • पहले शिक्षा नीति में साइंस, कॉमर्स तथा आर्ट स्ट्रीम होती थी, लेकिन अब ऐसी कोई भी स्ट्रीम नहीं होगी, अब छात्र अपनी इच्छा के अनुसार विषय चुन सकते हैं।
  • शिक्षा नींति के अनुसार छात्र फिजिक्स के साथ अकाउंट या फिर आर्ट्स का कोई भी विषय पढ़ सकते हैं।
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के अनुसार छात्रों को छठी कक्षा से कोडिंग सिखाई जाएगी।
  • इस New Education Policy 2021 के अनुसार सभी स्कूल डिजिटल इक्विप्ड किए जाएंगे।
  • सभी प्रकार की इकॉन्टेंट को क्षेत्रीय भाषा में ट्रांसलेट किया जा सकेगा।
  • नई शिक्षा नीति के माध्यम से वर्चुअल लैब डिवेलप किया जायेगा।

New Education Policy 2021 के लाभ

  • नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए जीडीपी का 6 फ़ीसदी भाग खर्च होगा।
  • शिक्षा में भारत की अन्य प्राचीन भाषाओं का ऑप्शन भी रखा जाएगा जिससे विद्यार्थी अपनी मनपसंद की भाषा को पढ़ सकते हैं।
  • उच्च स्तरीय शिक्षा में एमफिल की डिग्री को समाप्त किया जाएगा।
  • New Education Policy 2021 के माध्यम से शैक्षिक क्षेत्र में तकनीकी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • बोर्ड की परीक्षाओं में भी परिवर्तन होगा ऐसा हो सकता है कि वर्ष में दो बार छात्रों के ऊपर से बोझ कम करने हेतु बोर्ड परीक्षाएं कराई जाए।
  • पढ़ाई को सरल बनाने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर का प्रयोग होगा।
  • इस New Education Policy 2021 में एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को मुख्य पाठ्यक्रम में रखा जाएगा।
  • विद्यार्थियों को तीन प्रकार की लैंग्वेज सिखाई जाएंगी जो कि राज्य अपने स्तर पर निश्चित करेंगे।
  • इस नई एजुकेशन पॉलिसी को लागू करने के लिए बहुत से संस्थान बनाए जाएंगे जिससे कि यह पॉलिसी ठीक प्रकार से कार्य कर सकें।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उनकी कौशल को भी विकसित किया जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त इस पॉलिसी के तहत अगर कोई छात्र किसी भी कोर्स को छोड़कर अन्य कोर्स में एडमिशन लेना चाहता है तो वह कोर्स से ब्रेक ले सकता है और किसी भी अन्य कोर्स में एडमिशन ले सकता है।

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नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 की कुछ मुख्य बातें

  • उच्च शिक्षा हेतु उपयुक्त प्रमाणीकरण के साथ कुछ प्रविष्ठियां और निकास विंदु निर्धारित होंगे।
  • ग्रेजुएशन कोर्स 3 या 4 वर्ष का हो सकता है जिसमें बहुत से एग्जिट विकल्प होंगे। यह उचित सर्टिफिकेशन के साथ होंगे जैसे कि अगर विद्यार्थी ने 1 वर्ष ग्रेजुएशन कोर्स में शिक्षा ली है तो उसे इसके लिए सर्टिफिकेट मिलेगा।इसके अतिरिक्त 2 साल बाद एडवांस डिप्लोमा तथा 3 साल बाद डिग्री प्रदान की जाएगी। साथ ही 4 साल के पश्चात रिसर्च के साथ बैचलर डिग्री प्रदान की जाएगी।
  • एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट को गठित किया जाएगा जिसमें विद्यार्थियों द्वारा अर्जित किए गए डिजिटल अकैडमी क्रेडिट को विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के द्वारा संग्रहित किया जाएगा इसे अंतिम डिग्री के लिए स्थानांतरित किया जाएगा और इसको गिना भी जाएगा।
  • पाठ्य पुस्तकों पर निर्भरता को कम करते हुए, इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य ई-लर्निंग पर जोर देना भी है।
  • उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी सामान्य प्रवेश परीक्षा की पेशकश करेगी।
  • 2030 तक, हर जिले में कम से कम एक बड़ा बहु-अनुशासनात्मक उच्च शिक्षा संस्थान बनाया जाएगा।
  • इस नई शिक्षा नीति में 2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को बहु-विषयक संस्थान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • भारतीय उच्चतर शिक्षा आयोग समग्र उच्च शिक्षा के लिए एकमात्र निकाय होगा। (चिकित्सा और कानूनी शिक्षा को छोड़कर)
  • भारत के उच्च शिक्षा आयोग में चार वर्टिकल होंगे जो राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा नियामक परिषद, सामान्य शिक्षा परिषद, उच्च शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद होंगे।
  • शिक्षा नीति के तहत, सरकारी और निजी शिक्षा समान होगी और विकलांग लोगों के लिए शिक्षा बदली जाएगी।

National Education Policy 2021 के चार चरण

इस न्यू एजुकेशन पॉलिसी को चार भागों में बांटा गया है जो कि 5+3+3+4 के पैटर्न पर आधारित है इस पैटर्न में 12 वर्ष की स्कूली शिक्षा तथा 3 वर्ष की स्कूली शिक्षा सम्मिलित है इस नई शिक्षा नीति को सरकारी और प्राइवेट दोनों प्रकार के संस्थानों के लिए लाया गया है New Education Policy 2021 के चार चरण नीचे दिए गए हैं

फाउंडेशन स्टेज

यह स्टेज 3 से लेकर 8 वर्ष के बच्चों के लिए है इसमें 3 वर्ष की प्री स्कूल शिक्षा तथा 2 वर्ष की स्कूली शिक्षा (कक्षा प्रथम से लेकर द्वितीय) सम्मिलित है फाउंडेशन स्टेज के तहत भाषा कौशल और शिक्षण के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

प्रीपेटरी स्टेज

इस स्पीच के तहत 8 वर्ष से लेकर 11 वर्ष तक के बच्चे आएंगे इसमें कक्षा 3 से लेकर 5 तक के बच्चे सम्मिलित है। शिक्षकों का उद्देश्य प्रीपेड री स्टेज में बच्चों के अंदर भाषा और संख्यात्मक कौशल विकसित करना है। किस स्टेज में छात्रों को उनकी क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाया जाएगा।

मिडिल स्टेज

इस स्टेज की तहत कक्षा 6 से लेकर कक्षा 8 तक के बच्चे आएंगे। क्लास 6 से बच्चों को कोडिंग की शिक्षा दी जाएगी और उन्हें व्यवसाई परीक्षण के साथ-साथ इंटर्नशिप का भी मौका दिया जाएगा।

सेकेंडरी स्टेज

इस स्टेज में कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक के बच्चे आएंगे जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि पहले छात्र या छात्राएं साइंस कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम लेते थे लेकिन अब इसको समाप्त कर दिया गया है अब छात्र या छात्राएं अपनी इच्छा से सब्जेक्ट को चुन सकते हैं जैसे कि साइंस स्ट्रीम के साथ बच्चा कॉमर्स या फिर कॉमर्स के साथ बच्चा आर्ट्स स्ट्रीम भी ले सकता है।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

नई शिक्षा नीति 2021 : स्ट्रीम्स

यश न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2021 के तहत छात्र तथा छात्राओं को अब किसी भी एक्सट्रीम को नहीं चुनना होगा अब आर्ट्स स्ट्रीम वाला छात्र साइंस स्ट्रीम भी पड़ सकता है इसके अतिरिक्त साइंस स्ट्रीम के साथ आर्ट्स स्ट्रीम की शिक्षा भी ले सकता है सभी सब्जेक्ट को अतिरिक्त पाठ्यक्रम ना मानकर मुख्य पाठ्यक्रम का दर्जा दिया जाएगा जिसमें मूर्ति कला नृत्य खेल योग संगीत आदि को सम्मिलित किया गया है।एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा के हिसाब से तैयार किया जाएगा। शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा वोकेशनल और एकेडमिक स्ट्रीम को पृथक नहीं किया जाएगा जिससे कि विद्यार्थियों के अंदर दोनों प्रकार की क्षमताओं को विकसित किया जा सकेगा।

b.ed अब 4 साल का

New Education Policy 2021 के तहत b.ed को 4 वर्ष का कर दिया गया है 2030 की समाप्ति तक शिक्षक की कम से कम योग्यता 4 साल का b.ed प्रोग्राम निर्धारित की गई है सभी स्टैंडअलोन शिक्षण संस्थान चुन निर्धारित मानकों का अनुसरण नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही होगी।

वोकेशनल स्टडीज पर फोकस

हमारे देश में वोकेशनल स्टडीज सीखने वाले छात्र 5 फ़ीसदी से भी कम है सरकार द्वारा इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस New Education Policy 2021 के तहत क्लास सिक्स से लेकर क्लास 8 तक के छात्रों को वोकेशनल स्टडीज सीखने पर ध्यान केंद्रित होगा। जिसमें बागवानी, लकड़ी का काम, मिट्टी के बर्तन, बिजली का काम आदि को सम्मिलित किया गया है। 2025 की समाप्ति तक इस न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत न्यूनतम 50 फ़ीसदी विद्यार्थियों को वोकेशनल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।

मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा

बाल भाषाविज्ञान के अनुसार, अगर बच्चों को उनकी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाया जाता है, तो वे इस मामले को अधिक आसानी से समझ पाएंगे। इसे ध्यान में रखते हुए, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 के तहत बच्चों को उनकी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में पांचवीं कक्षा तक पढ़ाने का प्रावधान किया गया है। अब पांचवीं कक्षा तक शिक्षकों को मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा प्रदान करनी होगी। पाठ्य पुस्तकों को क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा और यदि पाठ्यपुस्तक क्षेत्रीय भाषा में उपलब्ध नहीं है, तो इस मामले में बच्चों और शिक्षक के बीच बातचीत का माध्यम क्षेत्रीय भाषा होगी। कक्षा पहली से, दो से तीन भाषाओं को बच्चों को पढ़ाया जाएगा।

शिक्षकों की भर्ती

New Education Policy 2021 के तहत यदि दी गई भाषाओं को बोलने वाले शिक्षकों की संख्या में कमी है तो ऐसी स्थिति में विशेष रूप से प्रयास किए जाएंगे की दी गई भाषाओं को बोलने वाली शिक्षकों को नियुक्त किया जाए। इसमें रिटायर हुए टीचरों को भी पुनः बुलाया जा सकता है।

विदेशी भाषा सिखाई जाने पर जोर

इस New Education Policy 2021 के तहत विदेशी भाषा सिखाने पर विशेष रूप से बल दिया जाएगा माध्यमिक विद्यालय में बच्चे अपनी मनपसंद विदेशी भाषा कोशिश सकते हैं इसमें फ्रेंच जर्मन स्पेनिश चाइनीस जैपनीज आदि भाषाओं को स्थान दिया गया है यह सभी कोशिश भारत की शिक्षा को वैश्विक स्तर पर ले जाने में बहुत मदद करेंगे।

Conclusion

National Education Policy 2021 का मुख्य उद्देश्य भारत मैं प्रदान की जाने वाली शिक्षा को वैश्विक स्तर पर लाना है। जिससे कि भारत एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बन सके। New Education Policy 2021 के माध्यम से शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा। जिससे कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे।यह शिक्षा नीति सरकार का एक क्रांतिकारी फैसला है जो कि भविष्य में छात्रों के लिए मददगार साबित होगा।

दोस्तों आज हमने आपको अपनी इस आर्टिकल की माध्यम से नई शिक्षा नीति से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी दे दी है हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित हुई होगी यदि आप इस आर्टिकल से संबंधित कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो आप हमें नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम अवश्य ही आपके प्रश्नों का उत्तर प्रदान करेंगे हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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